विजयनगरम् या हम्पी
कर्नाटक के वेल्लारी जिले में स्थित होसपेट तहसील में स्थित विश्व का सबसे समृद्धशाली साम्राज्य हम्पी । आप यदि इतिहास में रूचि नहीं भी रखते हैं तै भी आपको हम्पी अवश्य ही भ्रमण करना चाहिए । राजा कृष्ण देव राय की वैभवशाली नगरी एक अद्भुत क्षणों में आपको पीछे धकेल देगी जब आपको बताया जाएगा कि आज के न्यूयार्क जैसे विश्वविख्यात शहरों से भी विशाल था भारतीय विजयनगरम् हम्पी । विदेशों से यहाँ व्यापार होता था सोना चाँदी हीरा जवाहरात व कई अन्य कीमती वस्तुओं का । तीन सौ वर्षों तक किसी की इतनी हिम्मत नहीं थी कि कोई हम्पी की ओर आंखें उठाकर देख सके । हाथी घोड़े लाखों सैनिकों की सुरक्षा व्यवस्था मोटी-मोटी पत्थरों की दीवार । सिंचाई के लिए पत्थरों की नाली द्वारा पानी लाया जाता था यहाँ पर । यहाँ का दशहरा मैदान जहाँ राजा वर्ष में एकबार जैसे दिल्ली में गणतंत्र परेड होती है ठीक वैसा ही आयोजन करते थे । रानी के महल तत्कालीन समय में पानी की वातानुकूलित व्यवस्था से ठंडा रखा जाता था । कहते हैं कि उस समय का महल आज भी जमीन पर दबा हुआ है । नदी की बाढ़ आने के कारण जमींदोज हो गया । यहाँ का पत्थरों से निर्मित विजयरथ आज नए पचास के नोट पर अंकित किया गया है । यहाँ किसानों को खेती के लिए सरकारी अनुमति लेनी पड़ती है । कहते हैं यहां का शाही खजाना २५०० हाथी में भरकर किसी अज्ञात स्थान पर भिजवा दिया गया था । यहां कुछ घंटों में आप सबकुछ नहीं देख सकते हैं कुछ दिन तो बिताइये मजा आएगा । यहाँ के क्षेत्र को रामयणकालीन किष्किन्धा कहा जाता है हनुमान जी का जन्म स्थान यहीं अंजना पर्वत पर हुआ था । यहां बहुत जैन मंदिर व विप्राक्ष मंदिर हैं । हम्पी सैकड़ों खंडहरों की मौजूदगी आपको सोचने पर मजबूर कर देगी कि कैसा रहा होगा यह वैभवशाली साम्राज्य । यहाँ बहुत गरमी रहती है फरवरी से बहुत गरमी शुरु हो जाती है । यहाँ इतनी संपदा थी कि मुस्लिम शासकों को इस शहर को लूटने में छ महीने लगे थे । यहाँ ऐसा मंदिर है जिसके हर खंबे को बजाने में अलग-अलग ध्वनि निकलती थी । पर अब इसे पर्यटकों के लिए निषिद्ध कर दिया गया है । जितना घूमिये उतना ही कम लगता है हम्पी । हासपेट से मात्र १३ किलोमीटर दूर है बसें दिनभर उपलब्ध रहती हैं । जरूर जाइये इस शहर को महसूस करने ऐ खंडहर आपसे बिना कहे सबकुछ कहने को आतुर हैं ।
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